
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जिसे जेवर एयरपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है, ने हाल ही में अपनी पहली सफल लैंडिंग के साथ एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंडिगो की एक विमान ने उड़ान भरकर जेवर एयरपोर्ट पर सफलतापूर्वक लैंड किया, जहां उसका स्वागत वाटर कैनन सलामी से किया गया।
यह लैंडिंग एयरपोर्ट के निर्माण कार्य के अंतिम चरण में होने का संकेत देती है, और उम्मीद है कि 2025 के अप्रैल महीने से यहां से वाणिज्यिक उड़ानें शुरू हो जाएंगी। इससे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भीड़भाड़ कम होने की संभावना है।
जेवर एयरपोर्ट भारत का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा, जिसका कुल क्षेत्रफल 5,000 हेक्टेयर है। यह एयरपोर्ट नोएडा, गाजियाबाद, और फरीदाबाद से लगभग 40 किमी की दूरी पर स्थित है, जबकि इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से इसकी दूरी लगभग 72 किमी है।इस एयरपोर्ट पर छह रनवे होंगे, जिनकी चौड़ाई 60 मीटर और लंबाई 2,900 मीटर होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 नवंबर 2021 को इस एयरपोर्ट की आधारशिला रखी थी, और अब यह परियोजना अपने अंतिम चरण में है
जेवर एयरपोर्ट पर पहली सफल लैंडिंग के बाद, आम यात्रियों के लिए उड़ान सेवाएं जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र में यात्रा सुविधाओं में सुधार होगा और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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